मुंबई में गणेश उत्सव के बाद गणेश की मूर्तियों का क्या हाल होता है ! भक्ति और श्रद्धा गई भाड़ में , उत्सव मना लिया और हमारा फर्ज खत्म ! गणेश विसर्जन के दिन तक जिस तरह भक्तों में भगवान के लिए प्रेम उमड़ता है , उसका नतीजा ये होता है ! क्या इसलिए भगवान के प्रति इतना प्रेम दिखाया जाता है ? मूर्तियां भगवान का एक रूप हैं या बस पत्थर - मिट्टी ! अगर उन्हें कूड़े के ढेर पर ही फेंकना होता है , तो इतना सब करने की जरूरत ही क्या है ! क्या आप वाकई चाहते हैं कि इस तरह आपके भगवान को बुल्डोजर घसीट कर दूर फेंक दे ? बस यही सम्मान है ! जिस गणपति बप्पा को बुलाने के लिए हम दिन रात उन्हें याद करते हैं , उन्हें इसलिए बुलाया जाता है ? यह मूर्ति क्या आपको नहीं कह रही है इस हालत पर भगवान भी रोते होंगे ? पूछते होंगे अपने भक्तों से .. ये गत करने के लिए जल्दी बुलाते हो मुझे। इन सवालों के जवाब हमें खुद से मांगने होंगे। बात सिर्फ इन पत्थर - मिट्टी ...