Posts

रिश्ते : अपने पराये

रिश्ते : खून के रिश्तों का,  खून होते देखा है हमने.. अपनों को पराया, बनते हुए देखा है हमने.. अनजान रिश्तों को भी, परवान चढ़ते देखा है हमने.. प्यार के रिश्तों को, दिल की गहराइयों से.. सिंचित होते हुए.. फलते-फूलते देखा है हमने.. © गजेन्द्र बिष्ट  https://m.facebook.com/bisht.gs

गणेशजी की दुर्गति… क्या यही है भक्ति और श्रद्धा !!

Image
मुंबई में गणेश उत्सव के बाद गणेश की मूर्तियों का क्या हाल होता है ! भक्ति और श्रद्धा गई भाड़ में , उत्सव मना लिया और हमारा फर्ज खत्म ! गणेश विसर्जन के दिन तक जिस तरह भक्तों में भगवान के लिए प्रेम उमड़ता है , उसका नतीजा ये होता है ! क्या इसलिए भगवान के प्रति इतना प्रेम दिखाया जाता है ? मूर्तियां भगवान का एक रूप हैं या बस पत्थर - मिट्टी ! अगर उन्हें कूड़े के ढेर पर ही फेंकना होता है , तो इतना सब करने की जरूरत ही क्या है ! क्या आप वाकई चाहते हैं कि इस तरह आपके भगवान को बुल्डोजर घसीट कर दूर फेंक दे ? बस यही सम्मान है ! जिस गणपति बप्पा को बुलाने के लिए हम दिन रात उन्हें याद करते हैं , उन्हें इसलिए बुलाया जाता है ? यह मूर्ति क्या आपको नहीं कह रही है इस हालत पर भगवान भी रोते होंगे ? पूछते होंगे अपने भक्तों से .. ये गत करने के लिए जल्दी बुलाते हो मुझे। इन सवालों के जवाब हमें खुद से मांगने होंगे। बात सिर्फ इन पत्थर - मिट्टी ...

नन्दादेवी राजजात - उत्तराखंड की एक ऐतिहासिक व धार्मिक यात्रा

Image
नन्दादेवी राजजात उत्तराखंड की एक ऐसी ऐतिहासिक धरोहर है , जो भूमि की सांकृतिक विरासत की महक चारों ओर बिखेर देती है। जात का अर्थ होता है देवयात्रा अतः नन्दा राजजात का अर्थ है राज राजेश्वरी नन्दादेवी की यात्रा। यह यात्रा इष्ट देव भूमि में मानव और देवताओं के संबंधों कर अनूटी दास्तान है। यह यात्रा पहाड़ के कठोर जीवन का आयना है। तो पहाड़ी में ध्याणी ( विवाहित बेटी - बहन ) के संघर्षों की कहानी भी है। राजजात की शुरूवात आठवीं सदी के आसपास हुई बताई जाती है। यह वह काल था जब आदि गुरू शंकराचार्य ने देश के चारों कोनों में चार पीठों की स्थापना की थी। लोक इतिहास के अनुसार नन्दा गढ़वाल के राजाओं के साथ - साथ कुँमाऊ के कत्युरी राजवंश की ईष्टदेवी थी। ईष्टदेवी होने के कारण नन्दादेवी को राजराजेश्वरी कहकर सम्बोधित किया जाता है। नन्दादेवी को पार्वती की बहन के रुप में देखा जाता है परन्तु कहीं - कहीं नन्दादेवी को ही पार्वती का रुप माना गया है। नन्दा के ...