तेरी आहट

ज़ख्म मुस्कुराते हैं अब भी तेरी आहट पर,
दर्द भूल जाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
शबनमी सितारौं पर फूल खिलने लगते हैं,
चाँद मुस्कुराता है अब भी तेरी आहट पर ।
उमर काट दी लेकिन बचपना नहीँ जाता,
हम दिए जलाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
तेरी याद आए तो नींद जाती रहती है,
हम खुशी मानते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
अब भी तेरी आहट पर चाँद मुस्कुराता है,
ख्वाब गुनगुनाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
तेरे हिज्र में हम पर इक अजब तारी है,
चोंक चोंक जाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
अब भी तेरी आहट पर आस लौट आती है,
अश्क हम बहाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
दर्द भूल जाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
शबनमी सितारौं पर फूल खिलने लगते हैं,
चाँद मुस्कुराता है अब भी तेरी आहट पर ।
उमर काट दी लेकिन बचपना नहीँ जाता,
हम दिए जलाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
तेरी याद आए तो नींद जाती रहती है,
हम खुशी मानते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
अब भी तेरी आहट पर चाँद मुस्कुराता है,
ख्वाब गुनगुनाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
तेरे हिज्र में हम पर इक अजब तारी है,
चोंक चोंक जाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
अब भी तेरी आहट पर आस लौट आती है,
अश्क हम बहाते हैं अब भी तेरी आहट पर ।
बहुत बढ़िया! ख़ूब!
ReplyDeleteआपकी आहट पर न्योछावर हो गये. आभार.
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