गणेशजी की दुर्गति… क्या यही है भक्ति और श्रद्धा !!
मुंबई में गणेश उत्सव के बाद गणेश की मूर्तियों का क्या हाल होता है ! भक्ति और श्रद्धा गई भाड़ में , उत्सव मना लिया और हमारा फर्ज खत्म ! गणेश विसर्जन के दिन तक जिस तरह भक्तों में भगवान के लिए प्रेम उमड़ता है , उसका नतीजा ये होता है ! क्या इसलिए भगवान के प्रति इतना प्रेम दिखाया जाता है ? मूर्तियां भगवान का एक रूप हैं या बस पत्थर - मिट्टी ! अगर उन्हें कूड़े के ढेर पर ही फेंकना होता है , तो इतना सब करने की जरूरत ही क्या है ! क्या आप वाकई चाहते हैं कि इस तरह आपके भगवान को बुल्डोजर घसीट कर दूर फेंक दे ? बस यही सम्मान है ! जिस गणपति बप्पा को बुलाने के लिए हम दिन रात उन्हें याद करते हैं , उन्हें इसलिए बुलाया जाता है ? यह मूर्ति क्या आपको नहीं कह रही है इस हालत पर भगवान भी रोते होंगे ? पूछते होंगे अपने भक्तों से .. ये गत करने के लिए जल्दी बुलाते हो मुझे। इन सवालों के जवाब हमें खुद से मांगने होंगे। बात सिर्फ इन पत्थर - मिट्टी ...
नववर्ष की शुभकामनाएँ!
ReplyDeleteकुछ ही पलों में आने वाला नया साल आप सभी के लिए
ReplyDeleteसुखदायक
धनवर्धक
स्वास्थ्वर्धक
मंगलमय
और प्रगतिशील हो
यही हमारी भगवान से प्रार्थना है
रचना सुन्दर है नववर्ष की शुभ कामनायें
ReplyDeleteaap ko bhi naye saal ki shubhkaamna
ReplyDeleteRachna bahut hi achhi hai, Aapko bhi nav varsh ki shubhkamnayen
ReplyDeleteसकारात्मक आशावादी सोच के लिए साधुवाद.
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