पुराण और कुरान

कुछ लोग पुराण को जानते हैं,
कुछ सिर्फ़ कुरान को मानते हैं ।
कुछ राम रहीम की दोनों में,
एकल सूरत पहचानते हैं ।
कुछ जात से बाहर करते हैं,
कुछ हैं फतवों से डरते हैं ।
कुछ लोग पण्डित, मुल्ला,
दोनों से नफ़रत करते हैं ।
कुछ जोत जलाएं मूरत पर,
कुछ भड़कें अल्लाह सूरत पर ।
कुछ सूफी ध्यान लगाते हैं,
ऊपर वाले की सीरत पर ।
हिन्दू मुस्लिम दो भाई हैं
वो एक खुदा के बन्दे है।
सब उन को सियासत-दानों के,
लड़वाने के हथकंडे है ।
कुछ सिर्फ़ कुरान को मानते हैं ।
कुछ राम रहीम की दोनों में,
एकल सूरत पहचानते हैं ।
कुछ जात से बाहर करते हैं,
कुछ हैं फतवों से डरते हैं ।
कुछ लोग पण्डित, मुल्ला,
दोनों से नफ़रत करते हैं ।
कुछ जोत जलाएं मूरत पर,
कुछ भड़कें अल्लाह सूरत पर ।
कुछ सूफी ध्यान लगाते हैं,
ऊपर वाले की सीरत पर ।
हिन्दू मुस्लिम दो भाई हैं
वो एक खुदा के बन्दे है।
सब उन को सियासत-दानों के,
लड़वाने के हथकंडे है ।
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